शेयर बाजार से पैसा निकाले जाने और आयातकों की डॉलर मांग बढऩे से रुपया आज
अमेरिकी करेंसी के मुकाबले कमजोर होकर अब तक के सर्वाधिक निम्न स्तर 56.57
रुपये पर चला गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अमेरिकी आर्थिक वृद्धि कमजोर
यह लगातार चौथा दिन है जब रुपये के मूल्य में गिरावट दर्ज की गई है। दोपहर के कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 42 पैसे कमजोर होकर 56.57 रह गया। इससे पहले 31 मई को रुपया 56.52 के स्तर तक कमजोर हुआ था।
इस प्रकार से रुपये पिछले तीन सत्रों में 75 पैसे कमजोर हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार शेयर बाजार से पैसा निकाले जाने और आयातकों की डॉलर मांग बढऩे से रुपये की धारणा पर असर पड़ा। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अमेरिकी आर्थिक वृद्धि कमजोर रहने के संकेत से भी रुपये पर असर पड़ा।
रहने के संकेत से भी रुपये की धारणा पर असर पड़ा।
यह लगातार चौथा दिन है जब रुपये के मूल्य में गिरावट दर्ज की गई है। दोपहर के कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 42 पैसे कमजोर होकर 56.57 रह गया। इससे पहले 31 मई को रुपया 56.52 के स्तर तक कमजोर हुआ था।
इस प्रकार से रुपये पिछले तीन सत्रों में 75 पैसे कमजोर हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार शेयर बाजार से पैसा निकाले जाने और आयातकों की डॉलर मांग बढऩे से रुपये की धारणा पर असर पड़ा। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अमेरिकी आर्थिक वृद्धि कमजोर रहने के संकेत से भी रुपये पर असर पड़ा।
रहने के संकेत से भी रुपये की धारणा पर असर पड़ा।
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